Reprogram Subconscious Mind Fundamentals Explained






मैंने कहा, भिखारिनों की सूरत ऐसी नहीं हुआ करती, यह तो मुझे कुटनी-सी नजर आती है। साफ़-साफ़ बताओं उसके यहां आने का क्या मतलब था।

वह भोली थी मगर ऐसी नादान न थी। मेरी खुमार-भरी आंखे और मेरे उथले भाव और मेरे झूठे प्रेम-प्रदर्शन का रहस्य क्या उससे छिपा रह सकता था? लेकिन उसकी रग-रग में शराफत भरी हुई थी, कोई कमीना ख़याल उसकी जबान पर नहीं आ सकता था। वह उन बातों का जिक्र करके या अपने संदेहों को खुले आम दिखलाकर हमारे पवित्र संबंध में खिचाव या बदमज़गी पैदा करना बहुत अनुचित समझती थी। मुझे उसके विचार, उसके माथे पर लिखे मालूम होते थे। उन बदमज़गियों के मुकाबले में उसे जलना और रोना ज्यादा पसंद था, शायद वह समझती थी कि मेरा नशा खुद-ब-खुद उतर जाएगा। काश, इस शराफत के बदले उसके स्वभाव में कुछ ओछापन और अनुदारता भी होती। काश, वह अपने अधिकारों को अपने हाथ में रखना जानती। काश, वह इतनी सीधी न होती। काश, अव अपने मन के भावों को छिपाने में इतनी कुशल न होती। काश, वह इतनी मक्कार न होती। लेकिन मेरी मक्कारी और उसकी मक्कारी में कितना अंतर था, मेरी मक्कारी हरामकारी थी, उसकी मक्कारी आत्मबलिदानी।

“घर का अकेला बेटा”, ये शब्द सुमति के दिमाग में ठनकने लगे. उसे अब तक यकीन नहीं हो रहा था कि यही उसके जीवन का नया सच है. वो मुस्कुरायी और बोली, “इसलिए तो भाई होते है!

Visualize your subconscious mind as extremely fertile soil that can develop any seed you plant in it. Your habitual views and beliefs are seeds that are increasingly being constantly sown.

“डिंग डोंग”, दरवाज़े की घंटी एक बार और बजी. “उफ़ ये घंटी तो मेरी जान ही लेकर रहेगी आज. मेरे सास-ससुर इतने जल्दी न आ गए हो. मैं तो अब तक तैयार भी नहीं हुई हूँ.”, सुमति ने सोचा. “रोहित, ज़रा देखना तो कौन आया है… मैं तैयार हो रही हूँ.

The subconscious would be the element of the mind which operates devoid of your recognition and around which you don't have active Regulate.

I accustomed to wrestle with similar rubbish ideas, but I identified right after getting sober these last six several years exactly where most were being coming from.

साड़ी का ब्लाउज सुमति के सुडौल स्तनों पर अच्छी तरह फिट आ गया था. उसे अपना लुक अच्छा लग रहा था. पर वो अपने सफ़ेद पेटीकोट को लेकर डाउट में थी.

Judging your feelings. Attempt all over again! When your timer has gone off, you usually takes the opportunity to take a look at your writing and find out what connections, feelings or Tips you find.

आह, अभागा मैं! मेरे कर्मो के फल ने आज यह दिन दिखाये कि अपमान भी मेरे ऊपर हंसता है। और यह सब मैंने अपने हाथों किया। शैतान के सिर इलजाम क्यों दूं, किस्मत को खरी-खोटी क्यों सुनाऊँ, होनी का क्यों रोऊं? जों कुछ किया मैंने जानते और बूझते हुए किया। अभी एक साल गुजरा जब मैं भाग्यशाली था, प्रतिष्ठित था और समृद्धि मेरी चेरी थी। दुनिया की नेमतें मेरे सामने हाथ बांधे खड़ी थीं लेकिन आज बदनामी और कंगाली और शंर्मिदगी मेरी दुर्दशा पर आंसू बहाती है। मैं ऊंचे खानदान का, बहुत पढ़ा-लिखा आदमी था, फारसी का मुल्ला, संस्कृत का पंण्डित, अंगेजी का ग्रेजुएट। अपने मुंह मियां मिट्ठू क्यों बनूं लेकिन रुप भी मुझको मिला था, इतना कि दूसरे मुझसे ईर्ष्या कर सकते थे। ग़रज एक इंसान को खुशी के साथ जिंदगी बसर करने के लिए जितनी अच्छी चीजों की जरुरत हो सकती है वह सब मुझे हासिल थीं। सेहत का यह हाल कि मुझे कभी सरदर्द की भी शिकायत नहीं हुई। फ़िटन की सैर, दरिया की दिलफ़रेबियां, पहाड़ के सुंदर दृश्य –उन खुशियों का जिक्र ही तकलीफ़देह है। क्या मजे की जिंदगी थी!

"The article is really a phase-by-action fundamental program to the human prospective yet for being recognized by the individual, excellent workout routines that may be performed at any time and by any one."..." more RJ Rebecca Jones

सुमति वापस अपनी तैयारी में ध्यान देने लगी. पर उसका दिमाग उसे बेचैन किये जा रहा था. एक तरफ तो उसे अपने नए जिस्म में साड़ी पहनकर तैयार होते बड़ा अच्छा लग रहा था वहीँ दूसरी ओर, वो नाराज़ भी हो रही थी कि उसे अपने सास-ससुर के लिए तैयार होना पड़ रहा है, वो लोग जिनको वो जानती तक नहीं.

That's suitable! Stream of consciousness producing can be very effective, but it is vital to do it effectively. Try and Restrict your interruptions and here target just on finding your views out on the site. The rest will appear later on. Read on for another quiz question.

“हे भगवान! आज तो काम पर काम बढ़ते जा रहे है. अब इस प्लेट को भी ठीक करना होगा.”, सुमति ने कहा. पर फिर वो एक पल को रुक कर अंजलि को देखने लगी और बोली, “अंजलि, आज तो तू … कमाल दिख रही है यार. हाय, कितने सुन्दर फूलों का प्रिंट है तेरी साड़ी पे.

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